Breaking News
Home / News / JMM झारखंड मुक्ति मोर्चा स्थापना दिवस : चलो जाबे दुमका :
JMM स्थापना दिवस कार्यक्रम

JMM झारखंड मुक्ति मोर्चा स्थापना दिवस : चलो जाबे दुमका :

Spread the love

इस साल दुमका में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के 40वे स्थापना दिवस को लेकर आम जनों में काफी धूम देखी जा रही है। स्थानीय लोग एवं कार्यकर्ता इस बार विशाल रैली निकाल स्थापना दिवस को धूमधाम व एतिहासिक बनाने की ओर अग्रसर हैं। ज्ञात हो कि इस स्थापना दिवस कार्यक्रम में दिशोम गुरु शिबू सोरेन  जी के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के तमाम दिग्गज नेता, कार्यकारी अध्यक्ष हेमत सोरेन तथा संताल परगना और राज्य के अन्य कोनों से लोग पहुंचकर शिरकत करते हैं। इसलिये यह क्षण यहाँ उपस्थित तमाम लोगों के लिए भावुक व गर्व का होता है। साथ ही विश्व भर में यह पहला राजनीतिक कार्यक्रम भी होता है जो पूरी रात चलता है।

इस दिन बुजुर्ग–नौजवान, नेता-कार्यकर्तागण व आम जनता आपस में मिलते हैं। अपने एतिहासिक अनुभवों, पुराने स्मृतियों को याद कर खुश होते हैं, एक दूसरे को बधाई देते है साथ ही राज्य की वर्त्तमान राजनीतिक–सामाजिक परिस्थितियों पर गहन चर्चायें करते है। नेता-कार्यकर्ता के साथ-साथ बुजुर्ग उमरदराज नेता भी देर रात तक इंतजार कर अपनी बातों को रखते हैं। वर्त्तमान के भाजपा शासनकाल में राज्य की दयनीय स्थिति को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि अबकी बार कार्यक्रम निश्चित रूप से खास होने ही वाला है।

होगा भी क्यों न, एक तरफ तो नेता प्रतिपक्ष हेमन सोरेन द्वारा लगातार किये जा रहे झारखंड संघर्ष यात्रा की धूम ने जहाँ एक तरफ आम जनों में कौतूहल पैदा किया है तो दूसरी भाजपा खेमे में खलबली मचा रखी है।  इन स्थितियों में दुमका के साथ-साथ सम्पूर्ण झारखंड की जनता जो मौजूदा सरकार के नीतियों से त्रस्त है – बेसब्री से निगाहें झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के तरफ किये हुए हैं। वह जानना चाहती है कि आखिर झामुमो ऐसे नाजुक वक़्त में क्या कुछ कहती है या फिर क्या कदम उठाती है।

यह दल भी अपनी जनता के आशाओं पर खरी उतरना चाह रही है। इन्हीं वजहों से इस स्थापना दिवसीय कार्यक्रम को लेकर उम्र के इस पायदान में भी दिशोंम गुरु शिबू सोरेन तक काफी सक्रीय है। वे जामताड़ा पहुंच तमाम तैयारियों को लेकर खुद कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे है। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहते है कि उनका झारखंड संकट के दौर में है इसलिए जबतक यहां स्थितियां प्रतिकूल नहीं हो जाती वे शांति से नहीं बैठ सकते। इस कार्यक्रम की खासियत यह है कि इसमें जनता पूरे तामझाम के साथ रैली करते हुए खुद संस्थान तक पहुंचती है। पार्टी केवल इसके प्रबंधन में ही काफी व्यस्त होती है।

बहरहाल, आगे की तमाम स्थितियों को कार्यक्रम के उपरांत यथावत आपले समक्ष प्रस्तुत कि जायेगी …

Like Us

User Rating: 5 ( 2 votes)
  • 368
    Shares

Check Also

अटल क्लिनिक

अटल क्लिनिक सुबह खुली शाम को बंद, सरकारी अस्पतालों की हालत बदतर  

Spread the loveअटल क्लिनिक पहले दिन हुई बेपटरी झारखण्ड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स समेत …

सरकार-बहादुर

सरकार-बहादुर का कहना है की उन्होंने 35 लाख झारखंडी युवाओं को रोज़गार दिए 

Spread the loveसरकार-बहादुर ने चुनाव को देखते हुए भरमाने वाला आँकड पेश की  बेरोज़गारी की …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.