Breaking News
Home / News / Jharkhand / सोयी रघुवर सरकार चुनावी मौसम में जेपीएससी परीक्षा लेने को आतुर !
जेपीएससी

सोयी रघुवर सरकार चुनावी मौसम में जेपीएससी परीक्षा लेने को आतुर !

Spread the love

जेपीएससी परीक्षा या वोट की खेती!

मृगतृष्णा एक प्रकार का दृष्टि भ्रम होता है जो उस भ्रम का विश्वास दिलाता है उसका यथार्थ में कोई अस्तित्व ही नहीं होता। रघुबर सरकार ने भी ठीक इसी तरह अच्छे दिनों के हसीन सपने 2014 में आम जनता को दिखाए थे। लेकिन जनता कितनी परेशान है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि युवा अब खुद झारखण्ड सरकार से त्रस्त है।

यह बिलकुल सत्य है झारखण्ड में जेपीएससी के छठे सिविल सर्विसेज की मेंन्स परीक्षा पर रोक लगाने की मांग को लेकर कैंडिडेट्स रोड पर उतर आए हैं। सैकड़ों कैंडिडेट्स रैली निकाल जेपीएससी सेक्रेटरी का पुतला दहन कर अपने एडमिट कार्ड को जला कर विरोध कर रहे हैं। कैंडिडेट्स का कहना है कि जेपीएससी की ओर से सिविल सेवा एग्जाम के नियम-कायदों में न सिर्फ अनदेखी हो रही बल्कि रिजर्वेशन पॉलिसी का उल्लंघन किया गया, रिजल्ट प्रकाशित करने में भी अनियमितताएं बरती गई।

दिलचस्प यह है कि साढ़े तीन साल से सोयी रहने वाली रघुवर सरकार अब चुनाव के मौसम में वोट की फसल काटने के लिए अफरा-तफरी में छठे झारखंड सिविल सर्विसेज (जेपीएससी) की मेंन्स परीक्षा करवाने पर उतारू है। नियमतः परीक्षा की सूचना कम से कम 40 दिन पूर्व दिए जाने के वजाय महज 11 दिन पहले जारी किया गया है. साथ ही उसी समय विधानसभा सत्र भी चलने वाले हैं। जिससे परीक्षार्थियों को असुविधा निश्चित रूप से होगी।

आरक्षण नियम के अनुपालन में  भी यह रघुवर सरकार निष्पक्ष नहीं दिख रही। मंत्री अमर बाउरी की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय उच्चस्तरीय कमिटी की जाँच रिपोर्ट सदन के पटल ना ला कोर्ट को गुमराह कर रही है। जबकि छात्रों का मानना है की जाँच रिपोर्ट उनके पक्ष में है।

बहरहाल, छात्रों ने तो अपनी एडमिट कार्ड जलाकर यह तो साबित कर ही दिया है कि मौजूदा सरकार के अब दिन गिने चुने ही रह गए हैं। साथ ही झारखण्डी युवाओं का विश्वास भी पारा शिक्षकों, ठेका मजदूरों  एवं अन्य कर्मचारियों की भाँति खो दिया है। जिसके कारण विपक्षी दल आसानी से चुनावी मैदान में भाजपा को धूल चटाने में सक्षम होगी।

Check Also

बेरोजगारी के आलम में बहन के साथ हुआ दुष्कर्म

बेरोज़गारी के आलम में भाई अपनी बहन का रक्षा तक न कर पाया!

Spread the loveबेरोज़गारी के आलम के एक भाई अपनी बहन के लाज व जान न …

महिला पुलिस कर्मी

महिला पुलिस कर्मी भी अब सुरक्षित नहीं झारखंड में!

Spread the loveअब तक समाज में स्त्रियों पर जो अत्याचार हो रहे थे उससे ही …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.