Breaking News
Home / News / Jharkhand / विद्यालय में 1284 छात्राएं, पर शिक्षक 1, फिर भी बंद हो रहे है 6466 स्कूल
सरकारी विद्यालय
झारखंड के सरकारी विद्यालय की स्थिति

विद्यालय में 1284 छात्राएं, पर शिक्षक 1, फिर भी बंद हो रहे है 6466 स्कूल

Spread the love

रिपोर्ट : पलामू जिले के 8वीं से 10वीं तक पढ़ाई होने वाले बालिका उच्च विद्यालय में 1284 छात्राएं पढ़ती हैं। कहने को तो हर कक्षा तीन सेक्शन में बंटी है साथ ही प्रत्येक घंटी में भिन्न विषय पढ़ाये भी जाने का भी दावा किया जाता है। दिलचस्प यह है कि इन सब सेक्शनों के प्रत्येक कक्षा में पिछले दो सालों से एक ही शिक्षक सभी विषयों को पढ़ा रहे हैं। यह तो तभी हो सकता जब वह कोई सुपर मेन हो। पलामू जिले के हरिहरगंज बालिका उच्च विद्यालय में गणेश राय ही शिक्षक, प्राचार्य के साथ-साथ चपरासी भी हैं। बिहार-झारखण्ड के बॉर्डर पर होने के कारण इस स्कूल में बिहार से लगभग दो सौ से अधिक छात्राएं भी पढ़ने आती हैं। इस उच्च विद्यालय में किसी शिक्षक की नियुक्ति वर्ष 2016 के बाद नहीं हुई है।

इस विद्यालय के 10वीं कक्षा की छात्रायों ने बताती हैं कि स्कूल में शिक्षक की कमी के कारण पढ़ाई लगभग न के बराबर होती है। जब सर किसी क्लास के बच्चों को पढ़ाते है तो दूसरी कक्षाओं के बच्चों को खाली बैठना पड़ता है।

ऐसी स्थिति में यह ख़बर जरूर चौकाने वाला हो सकता है कि स्कूल विलय या दोटूक कहें तो तीसरे चरण में लगभग 6466 स्कूलों को बंद करने हेतु चिन्हित कर लिया गया है। साथ ही शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव ऐ पी सिंह ने गुरुवार इन स्कूलों के विलय के सन्दर्भ में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दी है। जारी निर्देश के अनुसार अब छात्रों को शिक्षा पाने के लिए कम से कम पांच किलोमीटर का सफ़र तय करना ही पड़ेगा।

यह ऐसे समय में हो रहा है जब प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्रों ने मेरिट में प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ा है और सरकारी स्कूलों में 30% एडमिशन बढ़े हैं। फिर ऐसी क्या आपदा आन पड़ी कि सरकार को ऐसा क़दम उठाना पड़ रहा है? साथ ही इतने बड़े पैमाने पर बेकार हो जाने वाले स्कूल भवनों का प्रयोग आगे किस रुप में किया जाएगा? यह तय है कि सरकार के इस कदम से ग़रीब-मेहनतकश श्रेणियों से आने वाले बच्चों का भविष्य अन्धकार में है। सरकार जनकल्याण के हर क्षेत्र से अपने हाथ खींच रही हैं, जनता की सम्पत्ति बड़े मालिकों के हाथों में सौंप रही हैं। यह सिर्फ़ झारखंड की ही बात नहीं है, पूरे देश के पैमाने पर यही सब हो रहा है।

  • 63
    Shares

Check Also

उत्तरी छोटानागपुर संघर्ष यात्रा के दौरान हेमंत सोरेन

उत्तरी छोटानागपुर संघर्ष यात्रा और हेमंत सोरेन

Spread the loveउत्तरी छोटानागपुर संघर्ष यात्रा में हेमंत सोरेन का बढ़ता क़द  “कहीं गैस का …

झारखंड के कुपोषित बच्चों के मिडडे मील थाली

कुपोषित बच्चों के मिडडे मील थाली से रघुबर सरकार ने चुराए अंडे

Spread the loveझारखंड के कुपोषित बच्चों के मिडडे मील थाली से साप्ताहिक मिलने वाले तीन …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: