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पहली बारिश में ही राज्य की सड़को ने खोल दी सरकार के दावों की पोल

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झारखण्ड के गुमला शहर के थाना रोड की सड़क पर लोगों ने धनरोपनी कर रघुवर सरकार की पोस्टरबाजी पेशकश की पोल खोल दी है। साथ ही राज्य की भाजपा सरकार के विकास के प्रति आक्रोश प्रकट किया है।किसी भी चीज के चरित्र को संक्षेप में, सही-सटीक तरीके से समझने के लिए इससे अच्छा उदाहरण इस सरकार के लिए नहीं हो सकता था।

जब तक वह ज़मीन पर था

कुर्सी बुरी थी,

जा बैठा जब कुर्सी पर वह

ज़मीन बुरी हो गई।

झारखण्ड राज्य में बरसात के प्रारंभिक दौर ने ही राज्य के रघुवर सरकार के सिंहासन को बुरी तरह से डुबाना शुरू कर दिया है और उनके दावे-वादों हक़ीकत को झारखण्ड के सड़कों, नालियों आदि में जमे पानी में उभरने वाली अक्स ने उजागर कर दिया है। यहाँ के थाना रोड की स्थिति इतनी बुरी हो चुकी है कि इस सड़क पर कई जगहें बड़े-बड़े गड्ढ़े बन गए हैं जिससे यह सड़क पोखर में तब्दील हो गया है। इससे स्थानीय एवं राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इसकी मरम्मती के लगातार प्रयासरत है। वहां के प्रशासन को कई अर्जियां भी दे चुके हैं परन्तु उनके कानों में अब तक जूँ भी नहीं रेंगी है।  आगे वे कहते हैं कि इन सड़कों को मरम्मत कराने अथवा नई सड़क बनाने के दिशा में कोई भी सकरात्मक कार्य होता नहीं दिखता।  यदि कुछ काम हो भी रहे हैं तो वह ठेकेदारों एवं अधिकारियों के लूट-खसोट की भेंट चढ़ जा रहा है। इनके इन्हीं रवैये से तंग आकर इनलोगों ने सड़क के गड्ढे में जमे हुए पानी में धान रोपनी कर दिया ताकि सरकार की नींद खुल सके। झारखंड के अन्य हिस्सों में ऐसी घटना लगातार देखने को मिल रही है।

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