मेगा शो समिट

मेगा शो समिट झारखंड मोमेंटम में हुए 210 एमोयु (MOU) का हुआ?

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

क्या झारखंड मोमेंटम मेगा शो भी 3.10 लाख करोड़ का एक घोटाला था? 

झारखंड में महंगाई के कारण, पॉकेट के हाल खस्ते हैं इसलिए पिछले चंद दिनों से मैं ओला बाइक बुक करके काम पर जाना शुरू किया हूँ। एक तो इसमें खर्च कम होता है और दूसरी शाम के वक़्त कोई ऑफ़िस का मित्र जो बाइक से जाते हैं वो कुछ दूर छोड़ देते है फिर अपने पैरों के भरोसे घर का रास्ता नापता हूँ। चूँकि ओला वाले जिसका नाम श्रीकांत सिंह, जो बहुत एहतियात बरतते हुए सही स्पीड से बाइक चलाता हैं साथ ही अपनी जीविका चलाने के लिए दो जगहों पर काम करता है, से दोस्ती हो गयी है, बात-चित में रास्ता भी कट जाता है। 

एक दिन उसने झारखंड मोमेंटम विषय पर चर्चा शुरू दिया। उसका कहना था कि झारखंड सरकार केवल झूठ बोलती है। मैंने उससे पूछा कि क्यों सरकार के बारे में ऐसा बोलते हो? तो उसका यह कहना था कि बड़ी ताम-झाम के बीच सरकार ने कहा था कि उनके झारखंड मोमेंटम से प्रत्यक्ष तौर पर 3 लाख लोगों को रोज़गार मिलेगी, लेकिन आप तो पत्रकार हैं बता सकते हैं कितनों को नौकरी मिली, मुझे तो नहीं मिली? बात में उसकी सच्चाई थी इसलिए उसके सवालों पर मोहर लगानी पड़ी और मैं विवश हो गया पुरानी अखबारों को टटोलने को 

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 16 फरवरी 2017 को राँची खेल गांव में, अपने ओपनिंग भाषण में कहा था कि झारखंड मोमेंटम राज्य के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। यह मेगा शो समिट प्रदेश की तस्वीर ही नहीं तकदीर भी बदल कर रख देगा, जिसके गवाह देश-विदेश के लगभग 11 हजार आये डेलीगेटेस बने थे। इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों से तकरीबन 3.10 लाख करोड़ के 210 एमओयू हुए थे जिसमे इंडस्ट्री और माइंस सेक्टर में सबसे अधिक प्रस्ताव मिले थे और अर्बन डवलपमेंट निवेशकों की दूसरी पसंदीदा सेक्टर रहा था जबकि कई और वादे किये गए थे,  कुल मिला कर कहा जाय तो झारखंड को एक नए औद्योगिक राज्य के रूप में उभारने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री जी करोड़ों फूके थे

अलबत्ता,  अब 2020 आने को है यहाँ की ज़मीने तो लूटा दी गयी लेकिन मोमेंटम झारखंड के अंतर्गत हुए एक भी एमओयू ज़मीन पर नहीं उतरा। केवल 55 कंपनियों का काम चल रहा था, वह भी मंदी के कारण बंद होने के कगार पर है। अब विडंबना यह है कि मुख्यमंत्री जी आशीर्वाद यात्रा के दौरान इन सच्चाइयों को न बताकर केवल मोदीजी के गुणगान कर रहे हैं और 370 व 35A का बखान कर रहे हैं। अब यह समझ में नहीं आता कि खुर्पी के ब्याह में कुदाल का गीत क्यों लगातार गा रहे हैं।

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts