लखनऊ – बलरामपुर अस्पताल के डायरेक्टर ने पार की अभद्रता की हद!

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बलरामपुर अस्पताल, लखनऊ

लखनऊ,  संवाददाता।

कोरोना के संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक नया संकट पैदा हो गया है। राज्य के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक और प्रदेश भर के आम आदमी की भीड़ से लदे, लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल के निदेशक के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरु कर दिया है। मामला, अस्पताल के लगातार विवादों में रहने वाले डायरेक्टर डॉ. राजीव लोचन के हालिया दुर्व्यवहार का है। अस्पताल की एक नर्स की शिकायत के मुताबिक डायरेक्टर डॉक्टर राजीव लोचन ने कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रही एक नर्स से बदतमीज़ी की हदें पार कर दी। राजीव लोचन पर इस महिला नर्स ने COVID 19 वार्ड में इस्तेमाल किए गए ग्लव्स, उसके ऊपर फेंकने और फिर ज़बरन उन ग्लव्स को उसके एप्रिन की पॉकेट में ठूंसने का आरोप लगाया है। मीडिया विजिल ने बलरामपुर हॉस्पिटल के नर्सिंग स्टाफ से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि राजीव लोचन इसके पहले भी महिला स्टाफ से दुर्व्यवहार करते रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के बाद निदेशक राजीव लोचन ने यह कह कर बात को रफा-दफा करने की कोशिश की, कि वे मॉत ड्रिल कर रहे थे। नर्सिंग स्टाफ ने इस हास्यास्पद तर्क पर उनको घेरा तो उन्होंने माफ़ी मांग ली और बाद में मीडिया से बात करते समय, इससे मुकर गए। नर्सिंग संघ के महासचिव, अशोक कुमार ने मीडिया विजिल से बात करते हुए कहा, ‘राजीव लोचन का महिला स्टाफ से दुर्व्यवहार लंबे समय से बर्दाश्त किया जा रहा था। लेकिन अब कोरोना के संक्रमण के ख़तरे से पहले ही जूझ रहे नर्सिंग स्टाफ से इस तरह की हरक़त बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।’ अशोक कुमार ने हमको ये भी बताया कि बलरामपुर का नर्सिंग स्टाफ हड़ताल पर नहीं है, ‘हम हड़ताल पर नहीं हैं, हम ने इस हरकत के विरोध में रोज़ काम से पहले प्रदर्शन करने का फैसला किया है। ऐसे मुश्किल समय में हम हड़ताल पर कैसे जा सकते हैं..’

अस्पताल के ही स्टाफ और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर राजीव लोचन अपने सेवाकाल की अवधि पूरी होने के बाद भी रिटायर होने की जगह, सरकार से एक्सटेंशन पा कर अस्पताल के निदेशक के पद पर बने हुए हैं। इसके पीछे की वजह दरअसल उनका पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यपाल रहे दिवंगत भाजपा नेता रामप्रकाश गुप्ता का बेटा होना है। उनकी ऊंची राजनैतिक पहुंच के कारण, तमाम शिकायतों के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं होने से उनका दुर्व्यवहार बढ़ता जा रहा है। नर्सिंग संघ के महासचिव अशोक कुमार ने हमसे बातचीत ने कहा, ‘इस बार ये हरक़त बर्दाश्त से बाहर हो गई थी। इसलिए हमने विरोध करने का फैसला किया। आखिर ऐसे हालात में इस तरह की बदतमीज़ी बर्दाश्त कैसे की जा सकती है। हमने तय किया है कि उनको हटाए जाने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।’

 

 

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