तब्लीगी जमात की घटना के चलते गुजरात के चार शहरों के 10 इलाकों में क्लस्टर क्वारंटीन

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Updated Mon, 06 Apr 2020 07:31 PM IST

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देश की राजधानी दिल्ली में पिछले महीने हुए तब्लीगी जमात के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कुछ लोगों की वजह से फैले कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए गुजरात में चार शहरों के कम से कम 10 इलाके क्लस्टर क्वारंटीन के तहत रखे गए हैं। 

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के सचिव अश्विनी कुमार ने बताया कि इनमें अहमदाबाद के छह इलाके, वडोदरा के दो इलाके और सूरत व भावनगर का एक-एक इलाका शामिल है। उन्होंने कहा, जब तब्लीगी जमात के सदस्य दिल्ली से गुजरात लौटे तो इससे कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े। 

उन्होंने कहा, तब्लीगी जमात की घटना की वजह से अहमदाबाद में बापूनगर में एक, कालूपुर में दो और दरियापुर, शाह आलम और दानीलिंडा में एक-एक इलाके को क्लस्टर क्वारंटीन में बदल दिया गया है। यही स्थिति वडोदरा के सैयादपुरा औप नगरवाड़ा में, सूरत के सचिन में और भावनगर के संधियावाड़ में है।

अश्वनी कुमार ने कहा, यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि कोरोना वायरस संक्रमण को उन इलाकों के बाहर न फैलने दिया जाए जहां तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले ये लोग संक्रमण से पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि हर 16 नए कोरोना संक्रमण मामलों में 10 का संबंध निजामुद्दीन में हुए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम से सामने आ रहा है।

देश की राजधानी दिल्ली में पिछले महीने हुए तब्लीगी जमात के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कुछ लोगों की वजह से फैले कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए गुजरात में चार शहरों के कम से कम 10 इलाके क्लस्टर क्वारंटीन के तहत रखे गए हैं। 

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के सचिव अश्विनी कुमार ने बताया कि इनमें अहमदाबाद के छह इलाके, वडोदरा के दो इलाके और सूरत व भावनगर का एक-एक इलाका शामिल है। उन्होंने कहा, जब तब्लीगी जमात के सदस्य दिल्ली से गुजरात लौटे तो इससे कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े। 

उन्होंने कहा, तब्लीगी जमात की घटना की वजह से अहमदाबाद में बापूनगर में एक, कालूपुर में दो और दरियापुर, शाह आलम और दानीलिंडा में एक-एक इलाके को क्लस्टर क्वारंटीन में बदल दिया गया है। यही स्थिति वडोदरा के सैयादपुरा औप नगरवाड़ा में, सूरत के सचिन में और भावनगर के संधियावाड़ में है।

अश्वनी कुमार ने कहा, यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि कोरोना वायरस संक्रमण को उन इलाकों के बाहर न फैलने दिया जाए जहां तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले ये लोग संक्रमण से पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि हर 16 नए कोरोना संक्रमण मामलों में 10 का संबंध निजामुद्दीन में हुए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम से सामने आ रहा है।

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